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आयुर्वेद के अनुसार पानी पीने के क्या नियम हैं?

अच्छी सेहत के लिए यूं तो दिनभर में कम से कम 8-9 गिलास पानी पीना जरूरी है लेकिन पानी पीते समय भी कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार, सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक पानी पीने के कुछ नियम हैं, जो सेहतमंद रहने के लिए जरूरी हैं। चलिए जानते हैं पानी पीने से जुड़े कुछ ऐसे नियम, जो हर किसी को पता होने चाहिए।

कब, कितना और कैसे पीएं पानी?

सुबह उठने के बाद खाली पेट पीएं 1 गिलास पानी।
भोजन करने के 1 घंटा पहले 1 गिलास
दिनभर में जरूरी है 8-9 गिलास पानी पीना
खड़े होकर पानी पीने से होते हैं ज्वाइंट्स कमजोर
घूंट-घूंट कर पीएं पानी

बैठ कर पानी पिएं

आयुर्वेद के अनुसार पीने के पानी का एक महत्वपूर्ण नियम यह है कि खड़े होने के बजाय बैठ कर पानी पिएं। खड़े रहकर पानी पीने से जोड़ों में दर्द होता है और किडनी के विकार भी होते हैं जो खड़े होकर पानी पीने के मुख्य नुकसान हैं।

जब आप बैठते हैं और पीते हैं तो किडनी बेहतर होती है क्योंकि आपकी मांसपेशियां और तंत्रिका तंत्र शिथिल होते हैं। जबकि पूर्ण निस्पंदन के बिना खड़े पानी रहने में पानी आगे बहता है। इसके कारण मूत्राशय या किडनी में अशुद्धियाँ रह जाती हैं जिससे किडनी की समस्याएं होती हैं। खड़े होकर पीने के कारण पानी एक बल के साथ नीचे आता है और आवश्यक पोषक तत्व शरीर के सभी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाते हैं।

एक बार में सारा पानी न पिएं

हमेशा धीरे-धीरे पानी पिएं यानी एक समय में एक घूंट। दिन भर में पानी की एक छोटी घूंट निगलने के बाद सांस लें। जब भी पानी पिएं तो इसे दोहराएं। आयुर्वेद के अनुसार जब हम पानी का एक छोटा घूंट लेते हैं तो हमारे मुंह में लार मिल जाती है। यह पेट के एसिड को संतुलित करने के लिए बहुत प्रभावी है। यह शरीर के तीन दोषों जैसे वात, पित्त और कफ को संतुलित करता है।

गर्म पानी पिएं

आयुर्वेद के अनुसार ठंडा (ठंडा) पानी हमेशा हमारे स्वास्थ्य के लिए बुरा होता है। जब हम इसे पीते हैं तो पानी कमरे के तापमान पर होना चाहिए। लेकिन अगर यह थोड़ा गर्म है तो बेहतर है। गर्म पानी पाचन, रक्त परिसंचरण की प्रक्रिया में सुधार करता है और कब्ज से बचाता है। ठंडे पानी से कब्ज और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं।

सुबह जल्दी पानी पिएं

अपने मुंह को बिना धोए खाली पेट पर सुबह-सुबह 2-3 गिलास पानी (विशेष रूप से गर्म पानी) पीने की आदत रखें। सुबह का थूक वास्तव में एक अच्छी दवा है जिसे स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज के लिए प्रभावी पाया गया है। इसलिए थूकने के बजाय इसे निगल लें। सुबह-सुबह पानी पीना चयापचय को बढ़ावा देने, वजन कम करने, कब्ज से राहत और पेट साफ करने के लिए बहुत प्रभावी है।

कब नहीं पीना चाहिए पानी

फल खाने के बाद

गर्म भोजन, फल जैसे ककड़ी, खीरा, तरबूज और खरबूजा खाने के बाद नहीं पीना चाहिए पानी।

एक्सरसाइज करने के बाद

एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए क्योंकि इस दौरान शरीर का तापमान बदलता है।

भोजन के तुरंत पहले या बाद में पानी न पिएं

यह भी पेयजल के महत्वपूर्ण नियमों में से एक है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि भोजन करते समय या भोजन के तुरंत बाद पानी पीने से भोजन ठीक से पच जाएगा। लेकिन यह सही नहीं है। यह आदत आपकी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देती है जिससे एसिडिटी, अपच या कब्ज हो जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार, भोजन करते समय या इसके तुरंत बाद अधिक पानी पीने से आपका पाचन धीमा हो जाता है। पानी गैस्ट्रिक रस को पतला करता है। इसके कारण भोजन ठीक से नहीं पचता जिससे एसिडिटी, अपच, गैस या कब्ज होता है।

इसलिए आयुर्वेद भोजन से 40-60 मिनट पहले और भोजन के 40-60 मिनट बाद भोजन को ठीक से पचाने और शरीर द्वारा पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित करने का एक सही तरीका है। भोजन करते समय थोड़ा सा पानी ठीक है।

तले हुए भोजन के बाद

चिकने या तला हुआ भोजन करने के बाद भी पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक होता है। इसके अलावा मूंगफली खाने के बाद भी पानी नहीं पीना चाहिए।

गर्म दूध या चाय पीने के बाद

गर्म दूध व चाय और धूप से आने के तुरंत बाद पानी पीना भी सेहत के लिए हानिकारक है।

कितना जरूरी है पानी?

पेट की परेशानियां रहती हैं दूर

रोजाना सुबह खाली पेट पानी पीने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है, जिससे आप कब्ज, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी प्रॉब्लम्स से बचे रहते हैं।

लिवर और किडनी के लिए फायदेमंद

सुबह खाली पेट पानी पीने से स्किन, लिवर, किडनी और आंख से जुड़ी दिक्कतें दूर होती हैं। इसके अलावा शरीर को स्वस्थ रखने के लिए दिनभर में भरपूर पानी पीना भी जरूरी है।

दूर होता सिरदर्द

शोध के मुताबिक, सिरदर्द के 90% मामले शरीर में पानी की कमी के कारण होते हैं। ऐसे में बेहतर होगा है कि आप दिनभर में कम से कम  8-10 गिलास पानी जरूरी पीएं।

ग्लोइंग स्किन

पानी पीने से त्वचा में मौजूद विषैले टॉक्सिंस निकल जाते हैं। साथ ही इससे त्वचा को नमी भी मिलती है, जिससे स्किन ग्लो करने लगती हैं। इतना ही नहीं, अगर आप भरपूर मात्रा में पानी पीते हैं तो इससे त्वचा संबंधी बीमारियां भी दूर रहेगी।

इम्यून सिस्टम

पानी से विषैले तत्व पसीने व यूरिन के रास्ते शरीर से बाहर निकालता है,​ जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इतना ही नहीं, इससे वजन भी कंट्रोल में रहता ही।

सुस्ती होती दूर

थका या सुस्त महसूस कर रहे हैं तो पानी पीएं। इससे रक्त में अधिक लाल रक्त कोशिकाओं के कारण अधिक ऑक्सीजन प्राप्त होता है और ऊर्जा मिलती है। आयुर्वेद के अनुसार पानी हमेशा घूंट-घूंट कर पीना चाहिए। ऐसा इसलिए जरूरी है ताकि यह बॉडी के टेंप्रेचर के मुताबिक शरीर में पहुंचे।

हार्ट अटैक का खतरा भी होता है कम

सोने जाने से पहले पानी पीने की आदत बहुत अच्छी है। हर रोज बेड पर जाने से पहले एक गिलास पानी जरूर पिएं इससे हार्टअटैक का खतरा कम होता है।

हाई ब्लड प्रैशर

जिन लोगो को हाई ब्लड प्रैशर की समस्या रहती है,उन्हें नहाने के पहले एक गिलास पानी पीना चाहिए। इसे रक्त चाप कम करने में मदद मिलती है।

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