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आहार और पोषण सवाल और जबाब

बादाम खाने के क्या फायदे हैं?

बादाम में अत्यधिक मात्रा में फाइबर, प्रोटीन और फैट होता है, जो भूख मिटाता है। इससे बार-बार भूख लगने की प्रवृत्ति कम की जा सकती है। बादामयुक्त “लो कैलोरी डाइट” मोटे लोगों का वजन घटाने में सहायक है। जिससे मधुमेह होने का खतरा कम हो जाता है।

कोलेस्ट्रॉल भी मधुमेह रोगियों के लिए घातक हो सकता है। बादाम मोनोसैचुरेटेड फैट्स और कुछ पोलीअनसैचुरेटेड फैट्स का अच्छा स्त्रोत है जो “लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (एलडीएल या खराब कोलेस्ट्रॉल) को घटाता है। रोज एक मुट्ठी बादाम खाएं, और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 8-12 फीसदी तक घटायें। कोलेस्ट्रॉल के घटने से मधुमेह होने की संभावना में भी कमी आती है।

इसके अलावा भीगे बादाम खाने से पाचन क्रिया भी संतुलित रहती है. यह lipase नाम का एंजाइम स्त्रावित करता है जो फैट के पाचन के लिए कारगर है. इसके अलावा बादाम वजन घटाने में भी बहुत फायदेमंद होता है. इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट्स होते हैं

बादाम एंटी-ऑक्सीडेंट्स का भी खजाना होते हैं, जिस वजह से ये बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करते हैं. भिगोए हुए बादाम में विटामिन बी17 और फॉलिक एसिड होते हैं, जिनको कैंसर के खतरे को कम करने वाला माना जाता है.

रात को चार-पांच बादाम पानी में डालकर रख दें। सुबह उनके छिलके उतारकर पांच छोटी इलायची के साथ पीसकर उसमें थोडी-सी मिश्री मिला लें और पानी में मिलाकर पीने से पेशाब में जलन की समस्या दूर होती है।

2. पांच बादाम रात को पानी में डालकर रखें, सुबह उठकर उन बादामों का छिलका अलग करके उन्हें पीसकर मिश्री मिलाकर चाटकर खाने से सूखी खांसी में बहुत फायदा होता है।

3. बादाम की चार-पांच गिरी के छिलके उतारकर घी में भूनें। जब गिरी गुलाबी हो जाए तो उन्हें दूध में डालकर उबालें, फिर चीनी मिलाकर पीने से गर्भावस्था में शारीरिक शक्ति मिलती है। श्वेत-प्रदर रोग भी दूर होता है।

4. तीन-चार बदामों की गिरी पानी में डालकर, छिलके उतारकर लहसुन की एक कली और मिश्री के साथ पीसकर बच्चों को दिन में दो-तीन बार चटाने से काली खांसी का प्रकोप दूर होता है।

5. भीगे हुए बादामों की गिरी के छिलके उतारकर काली मिर्च के साथ पीसकर मिश्री मिलाकर सेवन करने से भूलने की बीमारी दूर होती है।

6. बादाम की पांच गिरी रात को पानी में डालकर रखें और सुबह उठकर उनके छिलके अलग करके काली मिर्च और सोंठ के साथ पीसकर, मिश्री मिलाकर सुबह-शाम खाली पेट सेवन करने से शीघ्रपतन की समस्या दूर होती है।

7. फास्फोरस, लौह और कैल्शियम से भरपूर बादाम की गिरी पीसकर दूध में मिलाकर पिलाने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती है।

8. बच्चों के दांत निकलते समय पानी में भिगोकर रखी गिरी के छिलके उतारकर और उसे पीसें। फिर दूध में मिलाकर रोजाना पिलाने से बहुत लाभ होता है, दांत आसानी से निकलते हैं।

9. बच्चों के तुतलाने की समस्या पर उन्हें रोजाना तीन गिरी पानी में भिगोकर, छिलके उतारकर पीसकर, थोड़ा-सा मक्खन मिलाकर चाटने से कुछ दिनों में उनकी तुतलाहट की समस्या दूर होने लगती है।

10. बादाम की दो गिरी और एक छुहारा रात को पानी में डालकर रखें। सुबह गिरी के छिलके उतारकर, छुहारे के साथ पीसकर, मक्खन और मिश्री मिलाकर सेवन करने से ऋतुश्राव के अवरोध और अल्प मात्रा में श्राव होने की समस्या दूर होती है।

इससे कब्ज की समस्या नहीं होने पाती है.

11.हडियों को मजबूत बनाए रखने के लिए भी दूध के साथ शहद का सेवन करना फायदेमंद होता है. इसका सेवन करने से हड्डियों में अगर कोई नुकसान हुआ हो तो उसकी भी भरपाई होती रहती है.

दूध और शहद के नियमित सेवन से शारीरिक आैर मानसिक क्षमता में वृद्धि होती है. क्षमता बढ़ने का सीधा असर हमारे काम पर पड़ता है. जोकि सकरात्मक होता है.

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