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च्यवनप्राश खाने के क्या फायदे हैं?

  • च्यवनप्राश एक विशिष्ट गुणधर्म से युक्त आयुर्वेदिक औषधि से है | इसमें लगभग 40 द्रव्यों का संकलन है जिनमे प्रमुख द्रव्य आंवला है| च्यवनप्राश को अपने अद्वितीय गुणों के कारण आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। च्यवनप्राश ना केवल अंदरूनी शक्ति बढ़ाता है बल्कि यह हमारी भागदौड़ की जिंदगी के कारण आई कई परेशानियों का भी निवारण करता है।
  • गलत खान-पान और प्रदूषित वातावरण से हमारे शरीर को जो नुकसान पहुंचता है, चवनप्राश उन्हें दूर करके हमें पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व प्रदान करता है जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं।
  • आजकल की जीवन शैली में लोगों को तनाव आसानी से घेर लेता है और वह कई बार थके हुए और कमजोर महसूस करते हैं, इसलिए अगर आप ऊर्जावान और तनाव मुक्त जीवन चाहते हैं, तो च्यवनप्राश का सेवन नियमित करें। यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करने का एक अहम जरिया है।

च्यवनप्राश के फायदे

  1. फेफड़े सम्बन्धी रोगो को दूर करने में सहायक:
  • च्यवनप्राश फेफडों सम्बन्धी रोग जैसे- अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, पुरानी खांसी, सर्दी-जुकाम को ठीक करने में सहायक होता है |

2.शरीर की रोग की रोगों से लड़ने कि शक्ति बढाने में सहायक

  • च्यवनप्राश एक हेल्थ सप्लीमेंट की तरह काम करता है। यह उन तत्वों की भरपाई करता है जो हमें रोज के खाने से नहीं भी मिल पाते, इसके साथ ही यह हमारे शरीर को कई तरह की बीमारियों से दूर रखने में सक्षम है। यह एक टॉनिक की तरह काम करता है जो आपको अंदर से बलवान बनाता है और रोगों को दूर भगाता है। सबमें अहम सामग्री आंवला होती है जोकि आंवला विटामिन सी का एक मुख्य स्त्रोत है और हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में यह बहुत कारगर है। इसके साथ अन्य स्वास्थ्यवर्धक तत्वों को मिलाकर च्यवनप्राश तैयार किया जाता है।

3.स्मरण शक्ति को तेज करने में सहायक

  • यह आपके हृदय और मस्तिष्क के ऊपर अच्छा असर डालता है और नियमित रूप से सेवन करने पर स्मरण शक्ति को बढ़ाने के साथ साथ नयी चीजों को सीखने की क्षमता को बनाए रखने में सहायक होता है

4. बढ़ती उम्र के लक्षणों रोकने में सहायक

  • आयुर्वेद च्यवनप्राश को रसायन माना है अर्थात् इसके नियमित सेवन किया जाए तो चेहरे पर झुर्रियां और बारीक रेखाएं कम आती हैं। आंवला विटामिन सी से भरपूर फल है जिसमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, क्योंकि च्यवनप्राश में आंवला मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है इसलिए यह बढ़ती उम्र के साथ हमारी त्वचा पर होने वाले प्रभावों को जैसे झुर्रियां को ख़त्म करने में कारगर साबित होता है।

5. शारीरिक दौर्बल्यता को दूर करने में सहायक

  • जैसा कि हम जानते है कि आयुर्वेद में में च्यवनप्राश को रसायन बताया गया है इसलिए यह शुक्रजनितविकारो, दुर्बल और वृद्ध लोगो के लिए अमृत के सामान है | यह शरीर की सभी धातुओ में को पुष्ट कर शारीरिक कमजोरी को दूर करता है|

घर में च्यवनप्राश बनाने की विधि

घर पर च्यवनप्राश बनाने की विधि कुछ इस प्रकार है –

सामग्री:
  • दो किलो आंवला
  • 25-25 ग्राम शतावरी, गोखरू, बेल, नागरमोथा, लौंग, जीवन्ती, पुनर्नवा, अश्वगंधा, गिलोय, ब्राह्मी, तुलसी के पत्ते, मुलेठी, छोटी इलायची, वसाका, सफेद चंदन, शतावरी और हल्दी की जड़ (उबालने वाली सामग्री)
  • 150-100 ग्राम घी और तिल का तेल
  • 20 ग्राम पिप्पली
  • 25 ग्राम दालचीनी
  • 10 ग्राम तेज पत्ता
  • 10 ग्राम नागकेसर
  • 1 ग्राम केसर
  • 10 ग्राम छोटी इलायची
  • 250 ग्राम शहद
  • चीनी आवश्यक्तानुसार
बनाने का तरीका:
  • आंवले को सबसे पहले धो लें।
  • अब एक बडे़ बर्तन में करीब 5 लीटर पानी डालकर गर्म करें।
  • इसमें गोखरू के अलावा सभी उबालने वाली सामग्रियों को डाल दें।
  • अब एक कपड़े में गोखरू को लपेटकर अच्छे से बांधे और पानी में डाल दें।
  • मध्यम आंच में करीब दो घंटे तक पकने दें।
  • दो घंटे तक पकने के बाद करीब 12 घंटे तक ऐसे ही रहने दें।
  • अब एक बर्तन में सारे आंवले डाले और उनकी गुठली निकाल लें।
  • आंवले उबलने के बाद नर्म हो जाते हैं, इसलिए आसानी से गुठली निकल जाएगी।
  • अब आंवले को मसलकर पल्प जैसा बना लें।
  • इसके बाद तिल के तेल और घी को मिलाकर एक बर्तन में डालें और गर्म करें।
  • तेल और घी दोनों के एक साथ गर्म होने के बाद इसमें आंवले के गूदे को डालें।
  • ध्यान रखें कि लोहे की कड़ाही का ही इस्तेमाल करें।
  • करीब आधे घंटे तक इसे अच्छे से भूनें।
  • जब अच्छे से आंवला भून जाए तो उससे घी अलग होने लगेगा।
  • फिर उसमें चीनी डालें और फिर उसे पकाते रहें।
  • याद रहें कि इसे अच्छी तरह से करछी से मिलाते रहें वरना यह चिपकने लगेगा।
  • जब यह गाढ़ा हो जाए तो थोड़ी देर के लिए गैस बंद कर दें।
  • इस दौरान पिप्पली, दालचीनी, तेज पत्ता, नागकेसर, केसर और छोटी इलायची पीसकर बारिक पाउडर तैयार करें।
  • अब आंवले के पेस्ट के ठंडा होने के बाद इसमें तैयार पाउडर को डाल लें।
  • साथ ही 250 ग्राम शहद भी डाल लें।
  • इतना करने के बाद पेस्ट को अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
  • लीजिए बस तैयार है घर पर बना च्यवनप्राश।

च्यवनप्राश खाने का तरीका 

कोई भी खाद्य पदार्थ खाने के फायदे तभी मिलते हैं जब उसे सही तरीके से खाया जाए. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि च्यवनप्राश खाने का सबसे अच्छा तरीका दूध के साथ खाना ही है. इसके अलावा अगर दूध उपलब्ध नहीं है तो शहद के साथ भी च्यवनप्राश खाया जा सकता है. डॉक्टर मानते हैं कि रात को सोने से पहले च्यवनप्राश खाने से ज्यादा फायदे मिलते हैं.

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