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घरेलू नुस्खे

एसिडिटी हो या हार्टबर्न, इन घरेलू नुस्खों से होगा रामबाण इलाज

अक्सर एसिडिटी आराम पाने की वजह से हम कई तरह की दवाइयों का सेवन कर लेते हैं जबकि ये असल में नुकसानदायक होती हैं. हम आज अनपच, एसिडिटी और हाटबर्न के कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लेकर आए हैं.

कभी ना कभी ऐसा होता है कि आप एसिडिटी या छाती में जलन महसूस करते हैं. इस वजह से कई बार बेचैनी का भी सामना करना पड़ता है. पेट में दर्द, जलन, हिचकी, अनपच एसिडिटी के लक्षण होते हैं.अक्सर एसिडिटी आराम पाने की वजह से हम कई तरह की दवाइयों का सेवन कर लेते हैं जबकि ये असल में नुकसानदायक होती हैं. हम आज अनपच, एसिडिटी और हाटबर्न के कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर आप असल में एसिडटी और अनपच से राहत पा सकते हैं. आप भी डालिए एक नजर.

आंवला: आंवला के औषधीय गुण ऐसे होते हैं कि ये शरीर को ठंढक देते हैं और इस वजह से ये एसिडिटी से बचाव करता है. आंवला में विटामिन C भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है जो पेट के दर्द और भोजन और इसफॉगस को अच्छा करते हैं. हर दिन एक चम्मच आंवला पाउडर से आपको एसिडिटी में काफी राहत मिलेगी. एसिडिटी में दवा या एंटएसिड की बोतल पीने की जगह घरेलू चीजों को तरजीह दें.

केला: केला खासकर पेट के लिए काफी फायदेमंद होता है. केला में अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो पेट के लिए खासकर काफी फायदेमंद होता है और ये आसानी से भोजन को पचाने में मदद करते हैं. केला में पोटैशियम भी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जो म्यूक्स को बढ़ाता है और पेटे में अधिक एसिड नहीं बनता है.

ठंढा दूध: ये तो सभी जानते हैं कि दूध में कैल्शियम बहुत होता है जो हड्डियों के लिए खासकर बहुत ही अच्छा माना जाता है. आपको बता दें कि कैल्शियम ph बैलेंस को संतुलित बनाए रखता है और साथ ही इससे पाचन में भी सहायता मिलती है. इसलिए ठंढा दूध आपको जलन में तुरंत राहत देता है. हमेशा याद रखें कि गर्म दूध की जगह ठंडा दूध पीएं और साथ ही दूध में चीनी या कुछ और ना मिलाएं.

छाछ: एसिडिटी और छाती में जलन में आपको छाछ से काफी राहत मिल सकती है. खासकर छाती में जलन की समस्या में एक ग्लास ठंडा छाछ काफी फायदेमंद होता है. छाछ में लैक्टिक एसिड होता है जो पेट में एसिडिटी को न्यूट्रलाइज करता है. लैक्टिक एसिड से पेट को ठंडक मिलती है और इससे आपको भी राहत मिलती है.

सौंफ: सौंफ में एक कंपाउंड एंथॉल पाया जाता है जो पेट के लिए ठंडक देने का काम करता है. इसमें विटामिन, मिनरल और फाइबर पाया जाता है जो पाचन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद है. सौंफ में एंटी-अल्सर गुण भी पाए जाते हैं जो कब्ज जैसी समस्या को भी दूर करते हैं. प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी सौंफ एसिडिटी और अनपच में काफी फायदेमंद होता है.

तुलसी: तुलसी के पत्तों से पेट में अधिक म्यूक्स बनता है जो छाती में जलन और एसिडिटी को कंट्रोल करता है. 2-3 तुलसी के पत्ते खाने से पेट में एसिड कम बनते हैं. तुलसी के पत्तों में भी एंटी अल्सर गुण पाए जाते हैं जो गैस्ट्रिक एसिड के उत्पादन को कम करते हैं. तुलसी के पत्तों का जूस और पाउडर भी आयुर्वेद में अनपच की दवा के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं.

पुदीना के पत्ते: पुदीना के पत्ते प्रकृति में पाया जाने वाला सबसे बेहतरीन कूलिंग एजेंट होता है. पुदीना पेट में एसिड को कम करता है और पाचन तंत्र को मजबूत करता है. पुदीना के पत्तों को काटकर थोड़ी देर के लिए उबाल लें और पीएं. यह आपके पेट और पाचन तंत्र के लिहाज से काफी फायदेमंद है.

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