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क्यों दी जाती है बादाम भिगोकर खाने की सलाह?

इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर होता है लेकिन यह जानना जरूरी है कि भीगे हुए बादाम में ही यह सब मिल पाएगा। बादाम के भूरे रंग के छिलके में टैनीन होता है जो पोषक तत्वों के अवशोषण को रोकता है। भीगा हुआ बादाम पाचन सही करने में भी मददगार होता है। एक नजर इसके फायदों पर-

ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं
जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, बादाम एक बहुत ही शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट एजेंट है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकने में मदद करता है। बादाम के ये गुण दिल को स्वस्थ रखने और पूरी हृदय प्रणाली को नुकसान व ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। अगर आप दिल की बीमारी के किसी भी रूप से पीड़ित हैं तो स्वस्थ रहने के लिए अपने आहार में भीगे हुए बादाम को शामिल करें।

वजन घटाने में मददगार
भीगे हुए बादाम वजन घटाने में भी मददगार होते हैं। इसमें मौजूद मोनोसेच्युरेटेड फैट आपकी भूख को रोकने और पूरा महसूस करने में मदद करता है। भीगा हुआ बादाम एंटीऑक्सीडेंट का भी अच्छा स्रोत होता है।

कोलेस्ट्रॉल ठीक करता है
उच्च कोलेस्ट्रॉल की समस्या आज भारत में आम बीमारियों में से एक होती जा रही है। उच्च कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग और दिल की धमनियों में रुकावट सहित कई तरह के रोगों का एक कारक है। इस समस्या के लिए बादाम आपकी मदद कर सकता है। बादाम शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाने में और खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मददगार होता है।

हाई बीपी सुधारे
बादाम ब्लड प्रेशर के लिए भी अच्छे होते हैं। जर्नल फ्री रेडिकल रिसर्च में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, रिसर्चर्स ने पाया कि बादाम का सेवन करने से ब्लउ में अल्फा टोकोफेरॉल की मात्रा बढ़ जाती है, जो किसी के भी रक्तचाप को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है। स्टडी से यह भी पता चला कि नियमित रूप से बादाम खाने से एक व्यक्ति का बीपी नीचे लाया जाता है।