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आपके दिमाग को तेज करती हैं ये 10 जड़ी-बूटियां

जटामांसी

दिमाग को तेज करने के लिए सबसे पहली उपयोगी बूटी है जटामांसी। औषधीय गुणों से भरपूर यह बूटी व्यक्ति की याददाश्त को तेज करने का काम करती है। इस बूटी के नाम में ही इसके गुण छिपे हैं। जटा यानी कि बाल, और इस बूटी पर लगे हुए छोटे-छोटे बाल जैसे तंतु काफी प्रभावशाली हैं।

इनका सेवन करने पर यह धीरे-धीरे काम करते हैं, लेकिन काफी प्रभावशाली हैं। इस बूटी को पीसकर केवल एक चम्मच लेना है और फिर एक कप दूध में मिलाकर पीने से दिमाग तेज होता है।

बाह्मी

जिन लोगों को जड़ी-बूटियों का ज्ञान है, उन्होंने इस बूटी के बारे में काफी सुन रखा होगा। बाह्मी नामक जड़ी-बूटी को दिमाग के लिए एक खास टॉनिक माना गया है। यह दिमाग को शांति और स्पष्टता प्रदान करती है और याद्दाश्त को मजबूत करने में भी मदद करती है।

दिमाग को तेज करने वाली अधिकतम दवाओं में इस बूटी का उपयोग जरूर किया जाता है। बच्चों के लिए यह काफी लाभकारी है क्योंकि परीक्षा के समय में उनकी याददाश्त को तेज करने के साथ-साथ उनके दिमाग को शांत करना भी आवश्यक होता है। इसलिए आधे चम्मच बाह्मी के पाउडर और शहद को गर्म पानी में मिलाकर उपयोग करें, लाभकारी होगा।

शंख पुष्पी्

शंख पुष्पी् भी काफी कॉमन बूटी है, जिसे दिमाग को बढ़ाने के साथ-साथ दिमाग में रक्त का सही सर्कुलेशन करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। इसके साथ ही यह बूटी व्यक्ति की रचनात्मकता को भी बढ़ावा देती है। यह जड़ी-बूटी हमारी याद करने की क्षमता और सीखने की क्षमता को भी बढ़ाती है। दिमाग को तेज करने के लिए आधे चम्मच शंख पुष्पी को एक कप गरम पानी में मिला कर लें।

दालचीनी

इस खास बूटी का प्रयोग तो भारतीय परिवारों में हर दूसरे घर में होता ही है। इसे मसाले के रूप में सबसे अधिक इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इस बूटी के खास गुण से आप आज तक वंचित ही हैं।

क्योंकि दालचीनी सिर्फ गर्म मसाला ही नहीं, बल्कि दिमाग को तेज करने के खास जड़ी-बूटियों में से भी है। इसलिए खाने में मिलाने के अलावा आप दालचीनी को तेज दिमाग पाने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं। रात को सोते समय नियमित रूप से एक चुटकी दालचीनी पाउडर को शहद के साथ मिलाकर लेने से मानसिक तनाव में राहत मिलती है और दिमाग तेज होता है।

हल्दी

अब यह एक ऐसी औषधि है, जो हर घर में मौजूद है। इसे पाने के लिए तो आपको किसी प्रकार की मशक्कत करने की आवश्यकता भी नहीं है। यह आपकी किचन में ही मिल जाएगी, लेकिन इसका उपयोग केवल खाना बनाते समय ही ना करें।

दिमाग को तेज करने के लिए भी करें। कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुए शोध के अनुसार, हल्दी में पाया जाने वाला रासायनिक तत्व कुरकुमीन दिमाग की क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को रिपेयर करने में मदद करता है और इसके नियमित सेवन से एल्जाइमर रोग नहीं होता है। इसलिए आप इसे गर्म दूध में मिलाकर पी लें, फायदा होगा लेकिन ध्यान रहे कि ऐसा रोज़ाना ना करें। क्योंकि हल्दी की तासीर गर्म होती है, जिससे पेट की परेशानियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

जायफल

वैसे इंडियन परिवारों में महिलाएं खाना बनाते समय जायफल का भी काफी प्रयोग करती हैं। लेकिन इसका उपयोग दिमाग तेज करने के लिए भी होता है, यह भी जान लें।

लेकिन हल्दी की तरह ही जायफल की भी तासीर गर्म होती है, इसलिए सही और कम मात्रा में ही इसका सेवन करना शरीर एवं दिमाग के लिए सही है। परन्तु कम मात्रा में भी यह दिमाग को तेज करने में सहायक सिद्ध होता है। इसको खाने से आपको कभी एल्जायइमर यानी भूलने की बीमारी नहीं होती।

अजवायन

खाना हज़म हो जाए इसके लिए महिलाएं खाने में अजवायन का काफी प्रयोग करती हैं। पेट की परेशानी में भी यह काफी लाभकारी है, लेकिन इसके अलावा अजवायन दिमाग तेज करने के काम आती है, क्या आप यह नहीं जानते?

परन्तु साबुत अजवायन नहीं, बल्कि अजवायन की पत्तियां आपको इस्तेमाल करनी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन पत्तियों में भरपूर मात्रा में मौजूद एंटी-ऑक्सी डेंट दिमाग के लिए एक औषधि की तरह काम करता है।

तुलसी

इससे पहले भी हमने तुलसी के कई फायदों से आपको परिचित कराया है, आज एक और फायदा भी जान लें। तुलसी वैसे तो कई प्रकार की बीमारियों का इलाज करने में सहायक सिद्ध होती है, लेकिन साथ ही यह दिमाग को तेज करने के लिए एक जानी-मानी जड़ी बूटी भी है।

इसमें मौजूद शक्तिशाली एंटीऑक्सी डेंट हृदय और मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में सुधार करता है। साथ ही इसमें पाई जाने वाली एंटी-इंफ्लेमेटरी अल्जाहइमर जैसे रोग से सुरक्षा प्रदान करता हैं।

केसर

हम जानते हैं कि इस समय बाजार में केसर का क्या भाव चल रहा है। चुटकी भर केसर पाने के लिए भी अच्छी मात्रा में खर्चा करना पड़ता है, और वह केसर असली ही हो यह जानना भी एक कठिन कार्य ही है। लेकिन परेशान ना हों, क्योंकि ज़रा-सी केसर भी आपकी मदद कर देगी।

दूध में

दूध में या फिर अन्य खाद्य पदार्थ में चुटकी से भी कम केसर का इस्तेमाल करने से अनिद्रा और डिप्रेशन जैसी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। और ऐसी ही बीमारियां हमारे दिमाग को कमज़ोर बनाती हैं…

काली मिर्च

यह थोड़ा कठिन है, लेकिन आपको काली मिर्च अधिक से अधिक इस्तेमाल करनी चाहिए। खाने में या फिर साबुत भी… क्योंकि इसमें पाया जाने वाला पेपरिन नामक रसायन शरीर और दिमाग की कोशिकाओं को आराम देता है। डिप्रेशन को दूर करने के लिए भी यह रसायन जादू सा काम करता है। इसीलिए दिमाग को स्वस्थ बनाए रखने के लिए काली मिर्च का उपयोग करें।

About the author

Shiv Kumar

I am a freelance writer and blogger that specializes in tips and tricks. I studied at the University of Delhi and am now on the Delhi,India. I frequently blog about writing tips to help students do better on their work.

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