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जानिए, मटके के पानी में हैं क्या-क्या गुण

गर्मियां आते ही ठण्डे पानी के ना होने से प्यास नहीं बुझती और हम फ्रीज में पानी रखना शुरू कर देते है. पर यह पानी बहुत ज्यादा ठंडा होने से नुकसान करता है, इसके अलावा प्लास्टिक की बोतल भी पानी रखने के लिए सुरक्षित नहीं होती. मिट्टी से जुड़ने के लिए मटके का इस्तेमाल करें. यह प्राकृतिक जल का स्रोत है जो ऊष्मा से भरपूर होता है और शरीर की गतिशीलता को बनाए रखता है. आपको बता दें कि मटके की मिट्टी कीटाणुनाशक होती है जो पानी में से दूषित पदार्थों को साफ करने का काम करती है. आइए जानते है इसके और फायदे.

फायदे-

इस पानी को पीने से थकान दूर होती है. इसे पीने से पेट में भारीपन की समस्या भी नहीं होती. रक्त बहने की स्थिति में मटके के पानी को चोट या घाव पर डालने से खून बहना बंद हो जाता है.

सुबह के समय इस पानी के प्रयोग से हृदय व आंखों की सेहत दुरुस्त रहती है.

गला, भोजननली और पेट की जलन को दूर करने में मटके का पानी काफी उपयोगी होता है.

कब ना पिएं मटके का पानी-

जिन लोगों को अस्थमा की समस्या हो वे इस पानी का प्रयोग न करें क्योंकि इसकी तासीर काफी ठंडी होती है जिससे कफ या खांसी बढ़ती है. जुकाम, पसलियों में दर्द, पेट में आफरा बनने की स्थिति व शुरुआती बुखार के लक्षण होने पर मटके का पानी न पिएं.

तली-भुनी चीजें खाने के बाद यह पानी न पिएं वर्ना खांसी हो सकती है. मटके का पानी रोजाना बदलें. लेकिन इसे साफ करने के लिए अंदर हाथ डालकर घिसे नहीं वर्ना इसके बारीक छिद्र बंद हो जाते हैं और पानी ठंडा नहीं हो पाता.

About the author

Shiv Kumar

I am a freelance writer and blogger that specializes in tips and tricks. I studied at the University of Delhi and am now on the Delhi,India. I frequently blog about writing tips to help students do better on their work.

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