रोचक जानकारी

2017 में होगा ISIS का अंत, धूल में मिला देगी इंडियन आर्मी – कहते हैं सितारे

कुख्यात आतंकी गिरोह आईएसआईएस अपने क्रूर कारनामों के कारण दहशत का दूसरा नाम बन चुका है। इसके आतंकी जिस प्रकार लोगों को यातना दे रहे हैं, उनका कत्ल कर रहे हैं उसे देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्रूरता के मामले में आईएस सभी हदें पार कर चुका है और अब इनका समूल नाश करने के लिए विश्व को एकजुट होना चाहिए।

वहीं सिताराें की चाल बताती है कि आईएस के दिन खत्म होने वाले हैं। अगर इसने भारत पर हमला करने की भूल की तो इसका नष्ट होना निश्चित है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जून 2014 में यह बगदादी के चेहरे के साथ यह दुनिया के सामने आया। उस दौरान इराक के मोसुल शहर में धनु लग्न का उदय हो रहा था। इसकी कुंडली के अनुसार, चंद्र के साथ लग्नेश गुरु आठवें भाव में उच्च का होकर बैठा था। इसी प्रकार राहु के साथ शनि मारकेश होकर लाभ भाव व उच्च अवस्था में स्थित है।

मंगल युद्ध का कारक है और इसके साथ समसप्तक योग बन रहा है। केतु का मारकेश शनि से दृष्टि संबंध है। सातवें भाव में नवमेश सूर्य और सप्तमेश बुध लग्न पर दृष्टि डाल रहा है। कुल मिलाकर मंगल के कारण आईएस अधिक ताकतवर बन रहा है। अमेरिका के सैन्य प्रयास भी अधिक कारगर सिद्ध नहीं हो रहे। चूंकि आईएस के जन्म संबंधी योग उसे अधिक आयु प्रदान नहीं कर रहे किंतु इसे कुछ अवधि में प्रबल अवश्य बना रहे हैं।

अमेरिका सहित नाटो सेना इस आतंकी गिरोह को समाप्त करने में सक्षम नहीं हैं। इसके लिए विश्व के सैन्य शक्ति से संपन्न देशों को एकसाथ प्रयास करने होंगे। चूंकि आईएस भारत को अपना शत्रु मानता है, इसलिए भारत को अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और गंभीर होने की आवश्यकता है। आईएस की कुंडली धनु लग्न की और भारत की वृष लग्न की है। आईएस की कुंडली पर गौर करें तो वृष लग्न छठे भाव में है। यह शत्रु का संकेत करता है।

.. परंतु इसी के साथ सितारे एक और संकेत दे रहे हैं। अगर आईएस ने भारत की ओर रुख किया तो यह गीदड़ की मौत आने पर शहर की ओर भागने जैसी बात होगी। ऐसी स्थिति में आईएस का विनाश होना तय है। चूंकि भारत की कुंडली में धनु लग्न आठवें भाव में है।

यह भाव विनाश, पतन और मृत्यु का संकेत देता है। अभी भारत पर चंद्र की महादशा में चंद्र का अंतर जारी है। ऐसे में भारत आतंकवादियों को लेकर और सख्त रुख अपनाएगा तथा भारत की सेना का आत्मविश्वास मजबूत होगा।

ज्योतिष के अनुसार 2016 के अगस्त मास तक आईएस का रक्तपात चलेगा। इसके बाद अमेरिका और विश्व के अन्य देश इस पर पुनः विचार कर अपनी रणनीति में सुधार करेंगे। भारत भी इस रणनीति का अहम हिस्सा होगा। उसके बाद आईएस के बुरे दिन शुरू होंगे और 2017 में इस दैत्य का विनाश हो जाएगा। संसार को इस गंभीर संकट से मुक्ति दिलाने में भारतीय सेना की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होगी।

About the author

Shiv Kumar

I am a freelance writer and blogger that specializes in tips and tricks. I studied at the University of Delhi and am now on the Delhi,India. I frequently blog about writing tips to help students do better on their work.

Add Comment

Click here to post a comment