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शुभ-अशुभ शकुन विचार

हम मनुष्यों के जीवन में नित्य ऐसी बहुत सी घटनाएँ होती है जो हम पर अपना व्यापक प्रभाव डालती है । हम सभी अपने किसी भी अच्छे कार्य के लिए निकलते समय जो शुभ-अशुभ संकेत होते हैं अथवा घटनाएँ घटती है, उससे अपने कार्य की सफलता-असफलता का पूर्व अनुमान लगा सकते है ।यदि शुभ शकुन है तो बहुत ही अच्छा है लेकिन यदि अशुभ शकुन लगे तो उसका त्वरित आसान उपाय कर सकते है जिससे हमें निर्विवाद रूप से अपने कार्य में सफलता प्राप्त हो सके।
शकुन हमारे भविष्य में होने वाली घटना का संकेत देते हैं। प्राचीन काल से ही इनकी बहुत ही मान्यता रही है । बहुत से लोग इन शकुनों को अंधविश्वास मानते हैं लेकिन अधिकतर लोग इन शकुनों की उपेक्षा बिलकुल भी नहीं करते है । हम सभी मनुष्य कभी-कभी किसी ना किसी रूप में इन शकुनों को अवश्य ही मानते है। शकुनों के परिणाम मनुष्य जाति जितने ही प्राचीन है । भारत में ही नहीं अपितु पुरे विश्व भर में ये शकुन प्रचलित हैं। शकुन का उल्लेख्य हमारे वेदों, पुराणों व बहुत से धार्मिक ग्रंथों में भी मिलता है। ज्योतिष शास्त्र में भी शकुनों पर विशेष विचार किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के संहिता विभाग में शुभाशुभ शकुनों का विस्तृत वर्णन मिलता है |बृहत संहिता में शाकुनाध्याय में लिखा है – अन्य जन्मांतर कृतं कर्म पुंसां शुभाशुभं | यत्तस्य शकुन: पाकं निवेदयति गच्छ्ताम || अर्थात मनुष्य ने अपने पूर्व जन्म में जो भी शुभाशुभ कर्म किये हैं शकुन उनके शुभाशुभ फल को दर्शाते है | यहाँ पर हम आपको कुछ शुभ – अशुभ शकुन और उनके फल बता रहे है

शुभ शकुन

1. प्रातः काल जागते ही यदि शंख, घंटा, भक्ति संगीत आदि का स्वर सुनाई दे तो अत्यंत शुभ होता है।आपका पूरा दिन हर्षपूर्ण बीतेगा।

2. यदि जागने पर सबसे पहले दही या दूध से भरे पात्र पर निगाह पड़े तो भी शुभ समझा जाता है।

3. यदि सुबह सुबहघर में कोई भिखारी माँगने आ जाए तो यह समझिये कि आपका फंसा हुआ या उधार दिया हुआ धन आपको शीघ्र ही वापस मिलेगा ।

4. यदि घर से किसी कार्य से बाहर जाते हुए तो आपके सामने सुहागन स्त्री अथवा गाय आ जाए तो कार्य में पूर्ण सफलता मिले का योग बनता है ।

5. किसी कार्य से जाते हुए आपके सामने कोई व्यक्ति गुड़ ले जाता हुआ दिखे तो बहुत अधिक लाभ होता है।

6. यदि रास्ते में कोई प्राणी सुन्दर फूल या हरी घास लेकर जाता मिले या आपको किसी दुकान में यह नज़र आ जाये तो बहुत शुभ होता है ।

7. यदि जाते समय मार्ग में कोई भी स्त्री/पुरुष दूध या पानी से भरा बर्तन लेकर दिख जाये तो यह बहुत ही शुभ शकुन होता है ।

8. यात्रा में जाते समय यदि प्रभु की आरती ,भजन आदि सुनाई दे तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है , आपकी यात्रा के सफल होने के पुरे योग है ।

9. यदि मार्ग में हसंता खेलता हुआ बालक और फल फूल बेचने वाला कोई नज़र आ जाये तो आपको निसंदेह लाभ की प्राप्ति होगी ।

10. किसी भी कार्य के लिए जाते समय जब आप कपड़े पहने और आपकी जेब से पैसे गिर जाएँ तो यह धन प्राप्ति का संकेत है। और यदि कपड़े उतारते समय भी ऐसा ही हो तो भी यह शुभ शकुन होता है।

11. यदि आपके शरीर पर चिड़िया बीट कर दे तो यह समझिये की आपकी दरिद्रता दूर होने वाली है। ये बहुत ही शुभ शकुन हैं ।

12. यदि घर से बाहर निकलते ही आप वर्षा से भीग जाएँ तो यह बहुत ही शुभ शकुन है।

13. यदि घर से बाहर किसी भी कार्य के लिए जाते समय आपको राह में साधू,सन्यासी आदि दिखाई पद जाएँ तो यह भी आपकी यात्रा के लिए अति शुभ शकुन होता है ।

14. ब्राह्मण, घोड़ा, हाथी, नेवला , बाज, मोर, दूध, दही, फल, फूल, कमल, भक्ति संगीत, अन्न, जल से भरा कलश, बंधा हुआ एक पशु, मछली, प्रज्वलित अग्नि, छाता, वैश्या, कोई भी शस्त्र, कोई भी रत्न, स्त्री, कन्या, धुले हुए वस्त्र सहित धोबी, घी, मिट्टी, सरसों, गन्ना, शव यात्रा, पालकी, ध्वजा, बकरा, अपना प्रिय मित्र, बच्चे के सहित स्त्री, गाय बछड़ा सहित, सफेद बैल, साधु, कल्पवृक्ष, शहद, शराब, या कूड़े से भरी टोकरी,सामान से लदा वाहन यदि यात्रा के वक्त यह कुछ भी राह में पड़ जाए तो निश्चय ही आपको सफलता प्राप्त होगी।

अशुभ शकुन

1. यदि घर में किसी देवता की मूर्ति अथवा चित्र टूट जाए, फट जाये तो आकस्मात ही कष्टों का सामना करना पड़ सकता है इसके निवारण के लिए हनुमान मंदिर में जाकर प्रसाद चड़ाएं, अपनी जाने अनजाने में की गयी भूलों, पापों के लिए क्षमा मांगे, माँ दुर्गा की आराधना करें।

2. यदि कहीं से भी आपके कानों में कुत्ते अथवा सियार के रोने की आवाज लगातार आती है तो रिश्तेदार, पड़ोसी या आपके मोहल्ले में किसी की मृत्यु अथवा मृत्यु तुल्य कष्ट की संभावना बनती है। इसके निवारण के लिए किसी भी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग पर ग्यारह बादाम और कच्चा दूध चड़ाएं, महा म्रतुन्जय का जाप करें और भगवान भोले नाथ से कृपा बनाये रखने के लिए प्रार्थना करें।

यात्रा पर जाते समय अशुभ शकुन

3. यदि किसी कार्य पर जाते समय रास्ते में कोई दुष्ट प्रकृति वाला, व्यभिचारी व्यक्ति सामने आ जाए तो कार्य में अवश्य ही विघ्न होने की सम्भावना होती है।

4. यात्रा पर जाते समय यदि पावँ से जूता निकल कर गिर जाये तो यह अशुभ शकुन है।

5. यात्रा पर जाते समय यदि घर से निकलते ही आपको कहीं पर ठोकर लग जाये तो यात्रा कुछ समय के लिए टालना ही उचित है।

6. यदि घर से निकलते ही आपका वस्त्र किसी कोने में फँस जाये अथवा अटक जाये तो यह भी शुभ नहीं है।

7. यदि घर से निकलते ही कोई छींक दे तो यह आपके लिए एक संकेत है कि कुछ पल ठहर जाएँ।

8. यात्रा पर जाते समय यदि काली बिल्ली रास्ता काट दे तो समझ जाईये कि यात्रा में सफलता की सम्भावना क्षीण ही है।

9.यात्रा पर जाते समय यदि कोई आपको टोक दें,आवाज लगा दें,कहाँ और किस लिए जा रहे है यह सवाल पूछ लें तो यह अशुभ शकुन है।

10.घर से निकलते ही आपसे या परिवार के सदस्यों में आपस में झगड़ा हो जाए तो ऐसे माहोल में उस समय यात्रा करना उचित नहीं है।

11.याद रखिये सूर्य अस्त होते समय, संध्या के समय यात्रा करना अशुभ माना गया है, अत: अपनी यात्रा का समय अवश्य ही संशोधित कर लें।

12.यदि घर से निकलते समय वर्षा या आंधी आ जाये, बिजली चली जाये, जानवर के रोने की आवाज आये तो कुछ पल ठहर कर ही अपनी यात्रा प्रारंभ करें।

13.यदि घर से निकलते ही कोई फल हाथ से गिर जाये, कोई सामान गिर जाये, टूट जाये तो यात्रा के लिए जल्दीबाजी कतई न करें।

14.यदि घर से निकलते समय किसी को भी चोट लग जाये, खून टपक जाये तो थोड़ा आगे विश्राम करके ही जाएँ।

15.यदि यात्रा पर जाते समय बहुत से पशु एक साथ एक जगह पर इकट्ठे नज़र आयें, या जानवर लड़ रहे हो तो यह भी अशुभ शकुन है।

हमेशा याद रहिये यात्रा पर जाते समय, घर से काम के लिए निकलते समय बहुत जल्दीबाजी, हड़बड़ी नहीं होनी चाहिए। जीवन भर शुभ अशुभ शकुन तो आते ही रहेंगे इनसे कतई भी विचलित न हो। घर से दही चीनी अथवा कुछ मीठा खा कर ही माता पिता के चरण छू कर पत्नी बच्चो और परिवार के सदस्यों से मिल कर ही जाएँ । हमेशा समय का ख्याल रखें, समय से पूर्व ही जाने के लिए तैयार हो जाएँ और यदि इनमें से किसी भी तरह का अपशकुन आता भी है तो कुछ पल ठहर कर अपनी माता या पत्नी या बहन के हाथों से फिर से कुछ मीठा खा लें, प्रभु का स्मरण कर लें और अगर कुछ पल का समय हो तो अपना जूता पावँ से निकाल कर बैठ जाएँ उसके पश्चात ही यात्रा पर जाएँ ……..आपकी यात्रा अवश्य ही शुभ होगी।

About the author

Prakash Jain

I am love to write on Dharma , Jain and Temples . A little piece into someone's thought or personality. I have been both modeling and taking pictures for either forever, or nine years. It's what I love. I write almost every day.

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