Delhi

मोदी में दम है तो ललित मोदी को भारत लाए : राहुल गांधी

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी को राजनीति और कालाधन के बीच की सबसे बडी कडी करार देते हुए अाज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि यदि उनमें सचमुच ‘दम’ हैं तो वह कानून के इस भगोड़े को भारत लाएं और देश के कानून के मुताबिक उसे सजा दिलाएं। राहुल गांधी ने आज संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा ‘‘राहुल मोदी की छवि लगातार बिगड़ रही है।

पहले मुझे भी लगता था कि इस आदमी में दम है। लेकिन, अब उनके प्रति मेरा विश्वास बदल गया है और मुझे लगता है कि इस आदमी में दम नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि आईपीएल के दो नेटवर्क हैं। पहला नेटवर्क वह है जिसे देखकर देश का युवा क्रिकेटर बनना चाहता है। स्वाभाविक रूप से यह सपना देश के हजारों युवक देखते हैं। लेकिन, दूसरा नेटवर्क भ्रष्टाचार है जो बड़े कमरे में चलता है और जिसमें ललित मोदी राजनीति और कालेधन के बीच की कड़ी बनता है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा प्रधानमंत्री हमेशा भ्रष्टाचार को मिटाने की बात करते रहे हैं लेकिन इस लड़ाई में भागते हुए नज़र आ रहे हैं।

‘न खाउुंगा न खाने दूंगा’ उनका नारा देने वाले पीएम मोदी भ्रष्टाचार की लड़ाई में घूमकर भाग रहे हैं और उनकी इस स्थिति को देखकर लगता है कि उनमें दम नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी में यदि सचमुच ‘दम’ है तो ललित मोदी को भारत लाकर प्रधानमंत्री के पास अपनी छवि को सुधारने का अच्छा अवसर है और उन्हें इस अवसर का पूरा इस्तेमाल करना चाहिए। आईपीएल के घोटाले के आरोपी को वह भारत लाएं और आईपीएल को साफ सुथरा बनाएं।

राहुल गांधी ने ललित मोदी प्रकरण में पूरा फोकस तो विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पर है। वह कहती है कि उन्होंने मानवता दिखाई है। लेकिन, मानवता दिखाने में नियमों का पालन क्यों नहीं किया। सुषमाजी ने कल संसद में लंबी लंबी बातें की। लेकिन, हमने जो दो सवाल पूछे, उनका जवाब नहीं दिया उल्टे, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी ललित मोदी का बचाव किया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सुषमा जी भी ललित मोदी का बचाव कर रही हैं। उन्होंने कहा ‘ संसद में सुषमा जी ने इस मुद्दे पर मेरा हाथ पकड़ लिया था। वह सफाई देकर अपना बचाव कर रही थीं।

लेकिन, मेरा साफ मानना है कि आप गलत हैं और अगर गलत नहीं होतीं तो बात छिपाती नहीं। मैं संसद के भीतर की यह बात जानबूझकर बोल रहा हूं। लोगों को पता होना चाहिए कि असलियत क्या है